साहित्यक उत्थान हएत, साहित्यिक चौपाड़ि सँ

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    दिल्ली, मिथिला मिरर-मनीष झा बौआभाइ: नेँ आरोप सँ’ नेँ प्रत्यारोप सँ’, नेँ गारि सँ’ नेँ मारि सँ’।
    साहित्यक उत्थान हएत, साहित्यिक चौपाड़ि सँ।।
    पटनामे रहि रहल समर्पित युवा साहित्यकर्मी लोकनि द्वारा लिखल ई पाँति सटीक आ प्रासंगिक अछि।
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्लीक राजीव चौक मेट्रो स्टेशनक लगीच सेंट्रल पार्क मे आइ नवम्बर मासक तेसर रवि मने २० तारीख क’ सातम साहित्यिक चौपाड़ि केर आयोजन कएल गेल। गैर-सांगठनिक, गैर-राजनीतिक ओ अनौपचारिक बैसारक ई एकटा एहेन स्वतंत्र मंच अछि जतय साहित्य सृजन, श्रवण ओ वाचनमे रुचि रखनिहार सुच्चा भाखा ओ संस्कृति प्रेमी मैथिलजनक समान रूप सँ’ स्वागत होइत अछि।
    आयोजनमे उपस्थित कवि/रचनाकार/मिथिला आन्दोलनी लोकनिक सुसंस्कृति विचारधाराक क्रममे १. नीरज झा द्वारा मैथिली साहित्यमे अमर जोगदान हेतु प्रकांड विद्वान लोकनिक नवंबर मासमे जन्मतिथि/पुण्यतिथि सँ’ अवगत कराओल गेल आ भारतीय सेनाक परिवार सँ’ दूर रहबा सन स्थिति पर आधारित स्वरचित काव्य पाठ, २. शंकर कुमार मिश्र द्वारा विद्यापतिकेँ वर्तमान मिथिलाक सांस्कृतिक ह्रासक अद्यतन सूचना सँ’ सम्बंधित रचना पाठ, ३. विकास फूल द्वारा मिथिला वर्णन, ४. मोहन राज झा द्वारा मिथिला राज्य संबंधी काव्य पाठ, ५. रंजीत लाल दास द्वारा सारि आ कनियाँ पर आधारित हास्य काव्य पाठ।

    ६. रोहित यादव द्वारा सुभाष चन्द्र कामत रचित मिथिला राज्य आधारित काव्य पाठ,७. कुमार विघ्नेश द्वारा गणेश वंदना, वृद्धाश्रम मे माएकेँ रखबा सन दुर्दशा आ बेटा-बेटीक शिक्षामे दूनेती पर आधारित काव्य पाठ,८. मुकेश कश्यप द्वारा बाबा नागार्जुन रचित भगवान हमर मिथिला सुख शांति केर घर हो केर गायन,९. श्याम झा द्वारा रामचंद्र मिश्र “मधुकर” जीक गीत आ स्वरचित लघुकथा नोंनक पैंच पाठ, १०. मनीष झा “बौआभाइ”(हमरा द्वारा) स्वरचित कविता नीक-बेजाए आ भारतीय सेनाक दिवंगत शहीद मिथिलापूत स्व. विकास कुमार मिश्रकेँ समर्पित श्रद्धांजलि कविता आ अंतमे ११. अमरनाथ मिश्र द्वारा दुलहा-दुलहिन सीताराम जनकपुरमे गीतक गायन आ संगहि एहि आयोजन मे दू गोट आर मैथिल श्रोताकेँ रूपमे  बैजू बाबरा आ अमलेश मंडलक उपस्थितिक संग आजुक चौपाड़ि सफलतापूर्वक संपन्न भेल।