20 बरखक उम्रमे 356 पृष्टक हिन्दी कविता संग्रह ‘संपूर्ण सागर’ लिखि चर्चामे ऐलाहः कुणाल

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    मधुबनी,मिथिला मिरर-सुजीत कुमार झाः ओना त मिथिला सब दिन सं एक सं एक विभूति दैत रहल अछि। मैथिल ललना अपना घर सं बाहर देश-विदेशमे अपन कृतिक पताका लहरावैत रहला अछि। मिथिलाक ओहि इतिहासकें दोहरावैत एकटा छोट सन बच्चा महज 20-21 बरखक उम्रमे 356 पृष्टक एकटा कविता संग्रह ‘संपूर्ण सागर’क नाम सं लिखि सबकें सोचवा पर मजबूर कए देलनि अछि।
    मधुबनी जिलाक अंधराठाढ़ी प्रखंडक मैलाम गाम निवासी कृष्ण कुणाल झा ओना त ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगामे भौतिकी विज्ञानक द्वितीय बरखक छात्र छथि मुदा हुनकर रूझान साहित्य दिस भए गेलनि आ ओकरे इ परिणाम छल जे 356 पन्नाक पोथी जाहिमे जीवन आ श्रृष्टि सं जुड़ल प्रायः हर विषय पर 203 गोट कविताक एकेटा पोथीमे संग्रह कए लोककें आश्चर्य चकित कए देलाह। अहि पोथीमे 203 गोट कविताकें 9 भागमे बांटल गेल अछि।
    मिथिला मिरर सं बातचीत करैत कृष्ण कुणाल कहला जे हम जखन कक्षा 9मे रही ओहि समय सं हम अपन लेखनीक शुरूआत केलौह, ओहि समय हमर उम्र महस 14-15 बरख रहल हैत। जेन-नेकस्ट पब्लिकेशन सं प्रकाशित अहि पोथी शुक्ल 360 टका राखल गेल अछि। कृष्ण कुणाल कहैत छथि जे हम हिन्दीक अलावे अंग्रेजीमे एकटा उपन्यास सेहो लिख रहल छी, एकरा अलावे हम मैथिली भाषामे सेहो एकटा कविता संग्रह लए शीघ्र अपने लोकनिक सोंझा आएब। मिथिला मिरर शीघ्रहि कृष्ण कुणालक संग कैल गेल वीडियो साक्षात्कार सेहो अहां लोकनिकें उपलब्ध कराओत।