मैथिलीकेँ उत्कर्ष पर पहुँचेबा लेल भ’ रहल अछि निरंतर प्रयास : डॉ. बुचरु पासवान

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जनकपुर/मधुबनी, मिथिला मिरर: मैथिली संवैधानिक मान्यता प्राप्त भाषा थिक। मात्र संविधानक आठम अनुसूचीमे मैथिलीकेँ शामिल भ’ गेनाइ कोनो भाषाक लेल पर्याप्त नहि भ’ सकैत अछि। कोनो भाषाक विकास लेल निरंतर प्रयास होइत रहब बहुत आवश्यक अछि । नेपालक तराई क्षेत्र समेत सम्पूर्ण मिथिलामे मातृभाषा मैथिलीकेँ प्रति बढ़ी रहल सजगता शुभ संकेत अछि। जनकपुर नेपालमे आयोजित अन्तरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनकेँ संबोधित करैत ई बात कहलनि मैथिली साहित्यकार डॉ. बुचरु पासवान। अन्तरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनमे भेल कार्यक्रमक उल्लेख करैत कहलनि जे नेपालक प्रदेश सं. 02 क गवर्नर रत्नेश्वर लाल कायस्तक’ विशेष उपस्थितिमे संम्पन भेल कवि सम्मेलन आ विचारगोष्ठीकेँ वर्णन करैत पठित कविता आ व्यक्त विचारक स्तर सराहनीय अछि। भारत आ नेपालमे विभिन्न स्थान पर आयोजित भ’ रहल काव्यगोष्ठिसँ जतय उदीयमान कवि लोकनिक रचनामे निखार आबि रहल अछि। ओतहि विचारगोष्ठिक माध्यमे मैथिलीकेँ उत्कर्षक अवधारणा परिपुष्ट भ’ रहल अछि। एहि अवसर पर उपस्थित प्रख्यात मैथिली लोक साहित्यकार डा. महेन्द्र नारायण राम कहलनि जे मैथिली, मिथिलाक माटीक खुशबूकेँ वाहक छैक आ एहि मामलामे हमसभ अन्य कतेको भाषा भाषिसँ आगू छी। मैथिलीक मौलिकताकेँ कायम राखब जरूरी अछि।

मैथिली साहित्यकार लोकनि भेलाह सम्मानित

मिथिलामे मिथिला मैथिली लेल सर्मिपत संस्था ‘सगर राति दीप जरयके” शतांक कथा गोष्ठीक आयोजन निर्मलीक तेरापंथ भवनमे कएल गेल। जाहिमे जिला भरिकेँ मैथिली सेवी साहित्यकार लोकनि शामिल भेलाह। जाहिमे प्रो. प्रीतम निषाद, नारायण यादव, डॉ. संजीव शर्मा, कपिलेश्वर राउत, अनिल ठाकुर, दिलीप कुमार झा, सदरे आलम गौहर, रामदेव प्रसाद मण्डल झाड़ूदार, कमलेश झा, रेवती रमण झा, लक्ष्मी दास, रामविलास साहूक संग अनेकोँ साहित्यकार लोकनि छलाह। अमरकांत लाल, अच्छेलाल शास्त्री, अमित मिश्रा, उमेश नारायण, कल्प कवि आनंद कुमार झा, राधाकांत मण्डल, डॉ. शिव कुमार प्रसाद, भारत भूषण झाकेँ संयोजक उमेश मण्डल आ मैथिली जगतकेँ ख्यातिलब्ध कथाकार जगदीश प्रसाद मंडल द्वारा विमोचित पुस्तक आ मखानक माला पहिरा सम्मानित कएल गेल। सम्मानित कएल गेल  साहित्यकार लोकनि युवा आ कर्मठ साहित्य सेवी समारोहक संयोजक उमेश मण्डल, कथाकार जगदीश प्रसाद मण्डल आ आयोजक नवरत्न वेंगानी आओर मनीष जलानकेँ प्रति आभार व्यक्त करैत हुनका द्वारा कएल गेल साहित्य सेवाक लेल खूब प्रशंसा कएलनि। कथा गोष्ठीमे विभिन्न विधामे लिखल 116 मैथिली पुस्तकक विमोचन आ एक दर्जन कथाकार द्वारा कथा पाठ कएल गेल। एहि अवसर पर कथाकार शिवशंकर श्रीनिवास, मलयनाथ मिश्र, उमेश पासवान, बाल गोविन्द आचार्य, प्रो. अतुलेश्वर झा जेहन साहित्य प्रेमी सेहो उपस्थित छलाह।