मैथिली मंचकेँ सार्थकता प्रदान करैत युगलबन्दी: किसलय आ जानबी

    0
    343

    दिल्ली-मिथिला मिररः मिथिला सँ ल क प्रवास धरि मैथिली समारोहक आयोजन दिनानुदिनन बढ़ि रहल अछि जे भाषा संस्कृति लेल निश्चित सार्थक संकेत अछि। हाँ, एहेन कार्यक्रमक परिणाम सार्थक तखने सम्भव जखन मंचसँ मर्यादित रुपेँ गीत ओ चेतनाक प्रस्तुति भ सकय। बढ़ैत समारोहक संग मंचीय कार्यक्रमक ह्रास सेहो देखल जा रहल अछि। एहि लेल आयोजक आ कलाकार संग संचालक लोकनि समान रुपे दोषी छथि । कहियो विद्यापति समारोहक आरम्भ भाषिक आ सांस्कृतिक संरक्षण आ सम्वर्द्धन लेल भेल छल। प्रो मायानन्दक मिठास भरल आ साहित्यिकतासँ ओतप्रोत उद्घोषणा हो कि रवीन्द्र -महेंद्र,सरस-रमेश,नन्द-नवल आदिक गायकी एखनो स्मरण अछि लोककेँ।

    मैथिली लेल ओ गौरवबोधक दिन छल आ आइओ मंचके हुनके सभक बनाओल बाट पर ल जेबाक बेगरता प्रतीत होइत अछि। आ प्राय: एहने बेगरता देखि मैथिली मंच पर किछुए वर्ष अवतरित भेलाह युवा उद्घोषक किसलय कृष्ण। सहरसा जिलाक युवा किसलय एक्कहि संग साहित्य,रंगमंच आ सिनेमाके जीबयवला विरल युवा छथि,जे किछुए दिनमे अपन उद्घोषकीय शैली सँ लोकप्रिय भ चुकल छथि। मंचसँ स्तरीय प्रस्तुति हिनक पहिल शर्त रहल करैत छनि जु मैथिली लेल सुखद अछि। मिथिला मिरर विशिष्ट सम्मान 2014 सँ सम्मानित किसलय कृष्ण विगत किछु माससँ मैथिली मंच पर युगल संचालनक प्रयोग शुरु केलनि अछि जे दर्शक पर अमिट छाप छोड़ैत अछिए संगहि धीरेन्द्र प्रेमर्षि-रुपा झा केर सफलतम उद्घोषकीय जोड़ीक बाद मैथिली मंच पर सक्रिय एकमात्र जोड़ी अछि।

    किसलय कृष्णक संग मंचीय युगलबन्दी करयवाली एहि मैथिल ललनाक नाम थीक जानबी झा। मूलरुपे नेपालीय मिथिलाक महोत्तरीक रहनिहारि जानबी मंचक संग टीवी आ सिनेमा क्षेत्रमे सेहो सक्रिय छथि। निश्चित रुपसँ किसलय आ जानबीक ई उद्घोषकीय युगलबन्दी मैथिली मंचकेँ एकटा नव आयाम प्रदान करत से कहल जाइ त कोनो अतिशयोक्ति नहि।