स्वतंत्रता दिवसक पूर्व संध्या पर मैलोरंगक प्रस्तुति, भ्रष्टाचार या सदाचार?

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    दिल्ली,मिथिला मिरर-जुली रानी झाः देशक 68म स्वतंत्रता दिवसक पूर्व संध्या पर दिल्लीक मंडी हाऊस स्थित श्रीराम नाट्य कला केंद्र में मैलोरंग रेपर्टरी द्वारा ‘भ्रष्टाचार या सदाचार’क नाम सं एकटा नाटकक मंचन कैल गेल। समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार आ ओहि सं होई वला समस्याक सुदंर चित्रण कैल गेल। समाज में कोन तरहें भ्रष्टाचार दानवक जेना मुंह पसारि बैसल अछि आ बिना नगद नारायणक कोनो कार्य भेनाई आजुक समय में मुश्किल सन कम नहि। नाटक भ्रष्टाचार आ सदाचार में बहुत निक जेना अहि बातक चित्रण कैल गेल अछि कि कोन तरहें शासन सं प्रशासन धरि, सरकार सं आम बाबू तक कोन तरहें भ्रष्टाचारक कादो में फसि चुकल छथि। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सं स्नातक, सुमन कुमार द्वारा लिखल नाटक भ्रष्टाचार या सदाचार, समाजक सब कुरीति कें बहुत नजदीक सं स्पर्श करवाक कोशिश कैलक अछि, संगहि देश में वर्तमान परिदृश्य में भय रहल राजनीतिक उठा-पटक आओर भ्रष्टाचार विरोधी निवारणक लेल चालाओल जा रहल देशव्यावी आंदोलनक उपर कैल गेल हास्य पूर्ण संवाद जतय नाटक कें हास्यक छौका दैत अछि त दोसर दिस विक्रम आ बेतालक संवाद सभागार में बैसल समस्त दर्शक कें सोचवाक लेल मजबूर कय देलक।
    नाटकक माध्यम सं अहि बातक संदेश देवाक कोशिश कैल गेल अछि कि जौं हमरा लोकिन आत्मसात नहि करब आ समाज आ सरकार में व्याप्त अहि दानव सं लड़वाक कोशिश नहि करब त ओ दिन दूर नहि जे गरीबक अहि समाज सं अस्तित्वक नामो-निशान मेटा जायत। मैलोरंगक कुशल निर्देशक प्रकाश झा’क निर्देशन में आयोजित अहि नाटक में विभिन्न रंगकर्मीक सहभागिता रहल जाहि में मुकेश झा, अमरजीत राय, अनिल मिश्रा, दीपक ठाकुर, प्रवीण कश्यप, राजीव रंजन झा, मनोज पांडेय, सत्या मिश्रा आ रमन कुमार’क मुख्य भुमिका में छलथि तहिना विशेष सहयोग में राजीव मिश्रा, ज्योति झा आ नीरा झा’क छलनि। स्वतंत्रा दिवसक पूर्व संध्या पर मौलोरंग द्वारा प्रस्तुत 70 मीनटक नाटक भ्रष्टाचार या सदाचार? समाज में व्याप्त अराजक स्थितिक निक जेना चित्रण करवाक लेल काफी अछि।