मिथिला सहित देश भरि में कृष्णाष्टमीक धूम

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    दिल्ली-मिथिला मिरर: चतुर्मास केर एकटा विलक्षण दिन – आइये हिन्दू परंपरानुसार अर्धरात्रिक समय श्रीकृष्णक जन्म मानल गेल अछि। ई क्षण आह्लादकारी आ अविस्मरणीय होइछ। आजुक शुभ दिन हमरा लोकनि बालरूप कृष्णक पूजा-अर्चना लेल कतेको ठाम मूर्ति-निर्माण करैत वसुदेवक माथपर पथिया मे जन्मौटी बाल कृष्णकेँ उठाय जमुना टपैत कंसक राजधानी सँ नंदक राजधानी प्रवेश करबाक अनुपम कथा-गाथा अछि – ईश्वर केर जन्मलीला सँ लैत श्रीकृष्णक संपूर्ण जीवनलीला – रासलीला सब किछु अति सुन्दर, रोचक आ मनमोहक होइछ। अन्त मे महाभारतक युद्ध मे पर्यन्त हिनक कतेको लीला जाहि मे हमरा लेल दुइ टा बड रोचक, एक जखन भीष्म प्रतिज्ञा करैत छथि जे ‘आजु मैं कृष्ण से शस्त्र गहाऊँ’ आ दोसर दिन कृष्णकेँ भक्तक मान रखबाक लेल अपनहि प्रतिज्ञाकेँ तोडबाक बाध्यता होइत छन्हि.

     दोसर जखन निहत्था कर्ण द्वारा अर्जुन केँ बाण नहि चलेबाक नीतिवचन अबैछ ताहि पर श्रीकृष्णक कठोर वचन जे कर्ण द्वारा धर्मक अवहेलना असगर अभिमन्युकेँ घेर कय मारबाक घडी आ भरल सभा मे एक अवला नारीक चीरहरण करबाक घडी चुप्पी पर उठबैत अर्जुन सँ मौका नहि गमबैत तारमतार तीर चलेबाक आदेश करबाक उद्धरण-चरित्र अछि ई दुनू बात हमरा सब दिन प्रेरित करैत रहल अछि। तहिना हिनकर जीवनचर्याक चर्चा बड विलक्षण अछि जे आइ आब दोसर सिटींग मे अपने सब लेल जरुर पुनरावृत्ति करब। एखन एहि बालरूप कृष्ण केर दर्शन करैत अपने सब सँ विदा लेब। आजुक विशेष दिन श्रीकृष्ण केँ समर्पित!!