कोलकाताक दुर्गा पूजामे मिथिला पेंटिंग सं सजल मूर्ति आ पंडाल

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    दिल्ली-मिथिला मिररः मिथिला पेंटिंग ओना त विश्व प्रसिद्ध अछि आ एकर पहिचान आ प्रशंसकक दुनिया भरि मे कमी नहि छैक मुदा अहि बेर मिथिला पेंटिंगक एकटा एहन अनूपम छटा लोककें देखवा मे भेट रहलैक अछि जेकरा देखलाक बाद लोक सोचवाक लेल मजबूर भय रहल छथि कि आखिर अहि कारण मिथिलाक चित्रकारीक दुनिया भरि मे नाम अछि। ओना त कोलकाताक दुर्गा पूजाक पहिचान सेहो विश्व भरि मे छैक खास कऽ पंडालक निमार्ण ओ मैयाक प्रतिका सजावटक लेल दुनिया भरि सं कलाकार कोलकाता पहुंचैत छैथ।
    अहि सं पहिने कोलकाता मे मैथिली चित्रकलाक प्रयोग होइत रहल अछि मुदा अहि बेर मिथिला पेंटिंगक जाहि तरहक प्रयोग कैल जा रहल अछि ओकर जतेक प्रशंसा कैल जाय ओ कम अछि। कोलकाताक कांकोरगाछीक मिताली मे मैयाक पंडाल सं लय हुनकर प्रतिमाक श्रृंगारतक मे मैथिली चित्रकलाक प्रयोग भय रहल अछि। संभवतः कोलकाता ओ कोनो आन ठाम दुर्गाक प्रतिमा मे एहन तरहक प्रयोग नहि भेल छल। मुदा जितवारपुर निवासी प्रभाकर झा’क अथक प्रयास सं अहि बेर मिथिलाक स्कूल आॅफ आर्टक जे झलक कोलकाता मे पसरल अछि ओकरा देखि कोलकाताक लाक सब वाह-वाह करवाक लेल विवश भय गेल छैथ।
    प्रभाकर झा मूल रूप सं मधुबनी जिलाक जितवारपुर गामक निवासी छैथ आ मिथिला पेंटिंग हिनका जन्मजात भेटल छन्हि। प्रभाकर झा’क मैया राज्य सरकार सं सम्मानित चित्रकार छलीह आ आब ओहि खानदानी परंपरा कें प्रभाकर आगू बढ़ेवाक लेल तैयार छैथ। प्रभाकर झा’क अगुआईमे 10 गोट कलाकारक टीम दिन राइत मैयाक पंडालक संग-संग हुनका प्रतिमाकें सजेवा मे जुटल छथि। मिथिला मिरर कें संपादक संग बातचीत मे प्रभाकर कहला जे भारतक सब सं पारंपरिक चित्रशैली मे सं एक मिथिला चित्रकला सं मैया कें सजेवाक मोन त बहुत दिन सं छल मुदा अहि बेर ओहि इच्छा कें आयाम भेटल।
    प्रभाकर कहला जे सिर्फ मैयाक मूर्तिये टा नहि अपितु पूरा चाल आ पंडाल कें सेहो मिथिला पेंटिंग सं जगमगा देल गेल अछि। अगर अपने अहि पंडालमे आयब त निश्चित रूपहिं अपने कें मिथिलाक पूर्ण आभास अहिठाम हैत। बंगाल सं मिथिलाकें जोड़ैत प्रभाकर कहैत छथि जे मैयाक माटिक प्रतिमा बना पूजाक करवाक परंपरा 18म श्ताब्दी मे बंगाल सं आयल अछि। सब सं पहिने राज बनैलीमे माटिक प्रतिमा बना पूजा कैल गेल छल तकरा बाद मधुबनीक (नवटोल) मे मैयाक पार्थिक मूर्ति बनाक पूजा कैल गेल छल। मुदा आब त मिथिलाक गाम-गाम इ पूजा भय रहल अछि।
    प्रभाकर झा’क अगुआई मे पूनम देवी, दिवाकर झा, माला झा, अलका देवी, महोदय झा, पप्पू झा सहित अन्य कलाकार सब दिन राइत मेहनत कय मिथिला नाम रोशन करवा मे लागल छैथ। सब सं खास बात इ जे मिथिलाक इ चित्रकला कोलकाताक समस्त मीडियामे चर्चाक विषय बनल अछि। संगहि इ पंडाल सरद सम्मान, एक्साईड सम्मानक संग-संग आन-आन सम्मानक लेल सहो चिन्हित कैल गेल अछि। प्रभाकर झा ओ हुनकर पूरा टीम कें मिथिला मिररक दिस सं कोटि सह बधाई।