मिथिलाक उभरैत युवा समाजसेवी मंगेश झा सं बातचीत

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    दिल्ली,मिथिला मिरर-जुली रानी झाः 25-26 सालक उम्र, भव्य चेहरा आ हाथ मे उच्च डिग्री जौं ई सबटा संयोग कोनो एक व्यक्ति मे होई त फेर ओहि परिवारक ई महत्वाकांझा भेनाई स्वभाविक अछि कि हमर बच्चा निक सं निक काज क परिवारक स्थिति कें ठीक करै आ घर गृहस्थी मे हाथ बटा सांसारिक बंधन मे बैन्ह नव जिनगीक शुरूआत करैय। मुदा जौं ओ बच्चा अपन सुंदर सन नौकरी पेशा सं दूर कोनो आदिवासी इलाका मे जा ओहिठामक हजारो-हजार गरीबक दुख-दर्दक सहभागी बनै आ अपन जीवन कें बस ओहिठामक गरीबक लेल समर्पित क दैय त निश्चित रूपहि एकरा आई कें परिपेक्ष मे पागलपन सं कम किछु आओर नहि कहल जा सकैत अछि। मिथिला मिरर कें विशेष प्रस्तुति भेंटघांटक आजुक अंक मे मिथिलाक उभरैत युवा समाजसेवी आ समाजसेवा कें अपन जीवन बना चुकल मंगेश झा संग मिथिला मिरर कें संपादक ललित नारायण झा’क भेल विस्तारित बातचीतक अंश अपने लोकनिक लेल। 
    प्र. मंगेश सब सं पहिने अहांक कें मिथिला मिरर पर बहुत-बहुत स्वागत।
    उ. धन्यवाद भाई जी, आ मिथिला मिरर कें समस्त पाठक लोकनि कें हम मंगेश झा गोर लगै छियैन्ह। 
    प्र. मंगेश अपन छोट सन परिचय देल जाउ?
    उ. हमर नाम मंगेश झा अछि पिता जीक नाम श्री मुन्ना झा आ माता जीक नाम श्रीमती पुष्पलता देवी छन्हि। हमर जन्म हमर पैतृक गांव मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी प्रखंडक खुटौना  गांव मे 07 अक्टूबर 1987 क भेल। हमर प्रारंभिक पढ़ाई पश्चिम बंगालक दुर्गापुर मे भेल आ ओकर बाद हम होटल मैनेजमेंट मे अपन करियर बनेवा दिस अग्रसर भेलहुं। आईएचएम भुवनेश्वर, ओडिशा सं होटल मैनेजमेंटक पढ़ाई पूरा क कोलकाताक प्रतिष्ठित पांच सितार होटल ओबेराॅय मे एक साल तक नौकरी केलौह, ओकरा बाद हम पुणे स्थित कोटियार्ड मैरिएट होटलक संग नव पारीक शुरूआत केलौह आ ओहिक बाद हम रांचीक रेडिशन ब्लूक संग जुड़ी गेलौह। 
    प्र. एतेक सुंदर सन कैरियर आ प्रतिष्ठि संस्थान सं जुड़ाव कें बाद समाजसेवा दिस कोना रूझान बनल आ आदिवासी इलाकाक चुनाव कियैक?
    उ. रांची मे नौकरीक क्रम मे दैनिक कार्यक दरम्यान हम रांची सं सटल ग्रामीण जनजातीय इलाका कें देखनाई आ ओहिठामक संस्कृति कें जनवाक कोशिश केलहुं। ओहि ठामक संस्कृति, परंपरा आ स्थानीय लोकक प्रति हमरा मोन मे पहिने सं जुड़ाव छल मुदा ओकरा जखन करीब सं देखलहुं त हम अपना आप कें ओहि इलाका सं दूर नहि क सकलौ। प्राकृतिक सौंदर्यताक कारणें हमरा रांची सं सटल ‘‘जोन्हा’’ आ आस-पासक क्षेत्र हमरा अपना दिस आकृष्ट केलक, आ ओहि ठाम सं हम सामाजिक कार्यक शुरूआत केलौह। जखन हम ओहि ठाम जमीन पर पहुंचलौह त देखवा में आयल जे ओहि ठामक स्थानीय जनजातिक स्थिति बहुतद दैनीय छैक आ ओ दृश्य देखलाक बाद हमरा मे आओर बेसी आत्मबल जागल आ हम अपन कार्य मे जुटी गेलौह। शुरूआती दिन नानान तरहक अड़चल आयल जाहि मे स्थानीय लोकक विश्वास पर ठाढ़ भेनाई, स्वयं मे असुरक्षाक भावना संग-संग बहुत रास चीज शामिल अछि। 
    प्र. एतेक विषम परिस्थिति मे अपना आप कें कोना स्थापित केलौह आ स्थानीय जनता मे अपन पहुंच कोन तरहें बनेलौह?
    उ. जनजातिय इलाका हेवाक कारणें लोक मे शोषणक प्रति बहुत बेसी रोश रहल छलैक आ उपर सं हमर चेहरा रंग बहुत बेसी गौर अछि त लोक सब कें होइत छलैन्हि जे हम विदेशी छी आ कोनो निजी हित कें कारणें अहि ठाम अयलौहु अछि। समय बितैत गेलैक आ हमर अथक लगल सं स्थानीय जनता कब बेस क प्रभावित होइत गेलैथ आ किछु मासक पश्चात हम स्थानीय जनता विश्वास जीतवा मे सफल भेलौह, जे हमरा लेल बहुत पैघ सम्मानक विषय छल। ओहिब बाद हम रात्रिकालीन पाठशाला शुरू केलौह आ सोलर लाइट में बच्चा सब कें शिक्षा देनाई शुरू केलौह। 4 गोट बच्चा सं शुरू भेल शिक्षाक अनुष्ठान आई 13 कें मिला क 500 बच्चा सं बेसी तक पहुंच गेल अछि। जनजातिय इलाका हेवाक कारणें मटिया तेलक अभाव आ डिबियाक इजोत मे पढ़ौनी मुश्किल छल मुदा सोलर लाइट हेवाक कारणें हम देर राइत तक बच्चा सब कें बिना रूकावट अधिककाल तक पढ़वय लगलौह।
    प्र. शिक्षा-दीक्षाक प्रचार-प्रसारक बाद आओर कोन तरहक गतिविधि मे अपने लागल छी?
    उ. महिला सशक्तिकरणः स्थानीय इलाका मे सोलर लाइट उपलब्ध भ गेलाक बाद स्थानीय महिला सब सेहो पहिने सं बेसी आत्मनिर्भर भेलीह अछि। मटिया तेलक झंझट खत्म भेलाक सं स्त्रीगण लोकैन अधिकाधिक संख्या मे एक जगह एकत्रित भ अधिक समय ‘‘दोना पत्ता’’ बनवैत छथि जे हुनका लोकनिक आजीविकाक मुख्य जरिया छन्हि।
    आत्मरक्षाः महिला सशक्तिकरणक तहत हम अपना संग बेसी सं बेसी लड़की कें एकत्रित केलौह आ हुनका सब मे आत्मरक्षाक भवना जागृत केलौह जाहि कें तहत हम हुनका लोकन्हि कें निःशुल्क ‘‘कराटा’’क प्रशिक्षण देनाई शुरू केलौह, धीरे-धीरे शिविर लगैत गेलैक आ 50-60 गोट लड़की एखन धरि प्रशिक्षण पावि चुकलिह। प्रशिक्षणक बाद हुनका लोकन्हि मे गजब केर आत्मविश्वास देखल जा रहल छन्हि। 
    जंगल माफियाक डर/सतत विकसः किछु समय पहिले तक इलाका मे जगल माफिया बिना कोनो डर कें अवैध कार्य कें ठेकाना लगावैत छल मुदा हम स्थानीय लोकक मदद सं ओहु पर अंकुश लगेलौह। संपूर्ण इलका मे प्लास्टिकक उपयोग विरूद्ध मुहिम चलेलौक आ स्थानीय लोक कें ओहि सं होइवला क्षति कें ज्ञानवर्धन केलौह परिणाम इ भेलैक जे समूचा इलाका मे प्लास्टिकक उपयोग बंद भ गेल, ओहिक बाद प्लास्टिकक जगह लेलक ‘दोना पत्ता’ जे मुख्य रूप सं ठोंगा जेना होइत छैक आ ओकर मांग बढ़लैका आ धिरे-धिरे ओ लधु उद्योगक रूप लेने जा रहल अछि। स्त्रीगण लोकैन्हि आब सुसंगठित भ जंगल जाय लगलीह अछि आ ओहिक परिणाम इ भेल जे जंगली माफियाक डर धिरे-धिरे समाप्त भ रहल अछि। 
    मंगेश झा संग खास बातचीतक सिलसिला आगो जारी रहत। पूरा साक्षात पढ़वाक लेल अगिला अंकक लेल प्रतिक्षा करी। धन्यवाद