बड़का भैयाक डिग्री ओ छोटका भैयाक देल नौकरी

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    दिल्ली-मिथला मिररः दिल्लीक कानून मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमरक फर्जी डिग्रीक तार बिहार ओ उत्तर प्रदेश सं जुड़ल हेवा पर कोनो विशेष परेशान भेनाई व्यर्थ, कारण बिहार ओ उत्तर प्रदेशक क्षेत्रिय सरकार मे अहि धंधा कें एतेक बेसी प्रोत्साहन भेलट अछि एकरा शब्द मे व्यक्त केनाई सहज नहि हैत। बिहारक दुनू सरकार लालू प्रसाद यादव एवं नीतीश कुमार जाहि तरहें अहि व्यवसाय कें लालन-पालन केलनि अछि ओकर परिणाम बिहारक लेल दीर्घकाल तक बहुत बेसी दुःखदायी सिद्ध हैत अहि मे कोनो दुम्मैत नहि।

    लालू प्रसाद यादवक पंद्रह सालक कार्यकाल मे बिहार मे शिक्षा व्यवस्थाक जे हाल छल ओ पूरा विश्व कें पता अछि। स्थिति एहन भेलैक जे लालू प्रसाद यादवक कार्यकाल मे पास केनिहार युवा लोकन्हि कें दिल्ली, बम्बई, कोलकाता, चेन्नई सहित देशक कोनो भी पैघ शहर मे नौकरी तक नहि भेटैत छलन्हि। हुनका लोकनिक डिग्री कें लालू डिग्री कहि अपमानित कैल जाय लागल छल। बिहार मे शिक्षाक एहन दोहन कैल गेल जाहि मे महिष, बकरी सं लय कुर्सी, टेबुल तक सब पासे-पास। बड़का-बड़का मार्कशीट सबहक हाथ मे भेंट गेनाई सहज बात छल।
    शिक्षाक दृृष्टि सं पिछड़ल राज्य बिहारक नाम आओर बेसी बदनाम भय चुकल छल। लालूक पंद्रह सालक कार्यकाल मे परीक्षाक एहन स्थिति रहै जे परीक्षार्थी अपन काॅपी, किताब खोली परीक्षास्थल मे परीक्षा दैत छलाह। डीवीजन आओर प्रतिशतक त बाते नहि पूछू। ओहि लालू डिग्री लय बिहारक बच्चा कें देशक कोनो शहर मे जाहि तरहक परेशानीक सोंक्षा करय पड़लनि ओहि बातक सच्चाई ओ व्यक्ति नीक जेना दय सकैत छैथ जिनका कहियो कोनो दफ्तर मे ई कहि घुमायल गेल हेतन्हि जे ओ लालू जमाना के पास छैथ आ हुनकर डिग्रीक कोनो महत्व नहि अछि आ अहि डिग्री पर हम अहां कें अहि दफ्तर मे कार्य पर नहि राखब।
    लालू-राबड़ीक पंद्रह सालक कार्यकाल सं बिहर कें फुरसैत भेंटल नीतीश कुमार सत्ता मे ऐलाह मुदा नीतीश कुमार सत्ता मे अबिते शिक्षाक संग एहन खेलवाड़ केलनि जेकर जतेक बेसी निंदा कैल जाय ओ कम अछि। नीतीश कुमार अपन पहिल कार्यकाल मे जे शिक्षकक नियुक्ति केने रहैथ ओ बिना कोनो प्रारंभिक परीक्षाक भेल छल। नियुक्तिक प्रकिया अंकक आधार पर भेल छल आ ओहि नियुक्ति मे लालू जमाना कें लालू डीविजन लय बैसल लोकक लेल ओ वरदान सिद्ध भेल आ हुनका लोकन्हि कें सहज रूप सं शिक्षकक नौकरी भेंट गेलनि। नौकरी सं पहिने ओहि मे सं बहुतायत एहनो व्यक्ति छलाह जे देशक कतेको शहर मे आम कर्मचारी ओ मजदूरी मे लागल छलाह। नहि त ओ शिक्षक बनवा योग्य छलाह आ नहि हुनकर जुड़ाव शिक्षा सं दूर-दूर तक बनल छलन्हि।
    बिहारक प्राथमिक स्तरक जे शिक्षा व्यवस्था अछि ओकरा कतेको बेर देशक कतेको मीडिया लोकक सोंझा अपन रिर्पोट रखलक अछि। मिथिला मिरर दावाक संग इ बात कहि रहल अछि कि नीतीश कुमारक पहिल कार्यकालक नियुक्ति भेल जे शिक्षक लोकन्हि छैथ ओहि मे बहुतायत शिक्षक कें अंग्रेजी मे फरवरीक स्पेलिंग, बरख मे कतेक मास? बिहार मे कतेक जिला? देश मे कतेक राज्य? बिहारक राज्यपाल कें? देशक शिक्षा मंत्री कें? आ बरख मे कतेक दिन? आदि एहन तरहक प्रश्नक उत्तर देवा मे ओ पास नहि हेताह। एहन मे ओहि व्यक्तिक लेल त चानी कटि रहल अछि जिनका लालूक डिग्री मे नीतीशक देल नौकरी भेटल मुदा बड़का भैयाक डिग्री आओर छोटका भैयाक नौकरी सं बिहरक लाखों-लाख बच्चाक भविष्य कोन तरहें गर्क मे जा रहल अछि अहि बातक सुधि नइ त बड़का भैया कें छन्हि आ नहि छोटका भैया अहि विषय पर सोचय चाहैत छैथ।
    एतेक त निश्चित अछि कि पहिने सं शिक्षा व्यवस्थाक निम्नतम स्तरक सूची मे शामिल बिहार कें इ दुनू नेता आओर तकेक बेसी पाछु क देलाह जेकर भरपाइ दीर्घकाल तक संभव नहि अछि। कि बिहारक शिक्षा व्यवस्था कहियो सुधरत आ कि अहिना बड़का भैया आ छोटका भैयाक कृृत सं नोर बहेवाक लेल निठोहर बनि बैसल रहत अहि बातक पता त भविष्यक गर्भ मे नुकायल अछि।