महेन्द्र मलंगिया मैथिली नाटक ओ साहित्यक अप्रतीम धरोहर

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महेन्द्र मलंगियाक मूल नाम महेन्द्र झा छनि मुदा ओ साहित्य जगत मे महेन्द्र मलंगियाक नाम सँ चर्चित भेलाह। मुधबनी जिलाक मलंगिया गाम निवासी महेन्द्र मलंगिया एकटा नाटककारक रूपें एतबा ख्याति प्राप्त कयलनि, जाहि स्थान पर पहुंचबाक लेल कोनो रचनाकार केँ बहुत संघर्ष करय पड़ैत छनि।
मलंगियाजीक नाटकः
हुनक तेरहटा पूर्णांकी नाटक, दू दर्जनसँ बेसी एकांकी नाटक, बीसटा नुक्कड़ नाटक, एगारहटा रेडियो नाटक, दसटा कथा, ओतबए अनुसंधानात्मक निबंध तथा किछु कविता।
संपादनः
मैथिली एकांकी संग्रह, विदेहक नगरीसँ (कविता संग्रह), नौ तथा दस कक्षाक मैथिली (एस.एल.सी. स्तर) पाठ्यपुस्तक।
पत्रकारिताः
लोकवेद पत्रिका।
शोध संग्रहः
शब्दक जंगलमे अर्थक खोज (वर्णरत्नाकरक आधारपर), प्रबंध संग्रह (साहित्य अकादेमी पुरस्कार) प्राप्त पुस्तक, मैथिली लोकनाट्यक विस्तृत अध्ययन एवं विश्लेषण, डाक, घाघ आ भड्डरी।
हिन्दी लेखनीः
महेन्द्र मलंगियाजी हिन्दी मे दूटा पुस्तक लिखलनि, पहिल पुस्तक ‘मैं जनकपुर हूँ’ और दोसर ‘यह जनकपुर है’ ई दुनू पुस्तक जनकपुरक इतिहास पर वर्णित अछि।
पुरस्कार, सम्मान ओ उपाधिः
पुरस्कार: प्रबोध साहित्य सम्मान (स्वस्तिक फॉउण्डेशन, नई दिल्ली), भानु कला पुरस्कार (जनकपुरधाम), पाटलीपुत्रा एवार्ड (पटना), गोपीनाथ अर्याल पुरस्कार (काठमाण्डू), यात्री चेतना पुरस्कार (पटना), मिथिला मिरर सम्मान, दिल्ली, वैद्यनाथ-सीयादेवी पुरस्कार (काठमाण्डू), जिला विकास समिति पुरस्कार (जनकपुरधाम), सर्वश्रेष्ठ निर्देशन पुरस्कार (काठमाण्डू), किरण पुरस्कार (रहिका), वैदेही पुरस्कार (राँची) तथा सर्वनाम पुरस्कार (काठमाण्डू)
सम्मान: इप्टा सम्मान (कटिहार), चेतना समिति सम्मान (पटना), विद्यापति सेवा संस्थान सम्मान (दरभंगा), रमानन्द युवा क्लब सम्मान (जनकपुरधाम) तथा आरोहण सम्मान (काठमाण्डू)।
उपाधिः रंगरत्न (अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद, राँची)।