आत्मचिंतन करौथ मनोज झा, मिथिला कें सीमांचल कहब बंद हो

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    दिल्ली-मिथिला मिररः राष्ट्रीय जनता दलक प्रवक्ता मनोज झा शनिदिन बहुतायत टीवी बहस मे मिथिलाक पूर्वी भाग अर्थात पूर्णिया, अररिया, कटिहार ओ किशंनगंज कें सिमांचल कहैत नजैर ऐलाह। मिथिलाक नेता सब कें बुद्धि मे कोन तरहक व्याधि लागि गेल छन्हि से नहि कहि। जखन हैदराबादक हिन्दी, बंगालक हिन्दी, महाराष्ट्रक हिन्दी ओ गोवाक हिन्दी, हिन्दी भऽ सकैत छैक त फेर किशनगंजक मैथिली, अररिया, कटिहार ओ पूर्णियाक मैथिली, मैथिली कियैक नहि भय सकैत अछि ?
    भारतक एहन कतेको राज्य अछि जेकर सीमा कतेको राज्य सं सटल छैक एहन मे ओहि राज्य ओ क्षेत्र सीमांचल कियैक नहि कहावैत अछि। इ मिथिलाक समस्त राजनीतिक दलक निकम्मापन थिक जे अररियाक वर्तमान सांसद आ ओहि क्षेत्र सं विधायक रहल तस्लिमुद्दीन द्वारा देल गेल सीमांचलक नारा कें सीमांचल मानि मिथिलाकें संकुचित करवाक कोनो टा कसैर बांकि नहि राखि रहला अछि।
    मिथिलाक नेताक निकम्मापन एतैहे नहि अपितु प्रधानमंत्रीक रैली मे मुजफ्फरपुर मे सेहो देखल गेल जतय कोनो मैथिली नेता प्रधानमंत्री कें इ नहि बता सकला ज मुजफ्फरपुर मिथिला मे थिक नहि कि भोजपुर मे। प्रधानमंत्री कें जानकारी नहि छलन्हि आ एक बेर फेर सं ओ सहरसा मे जा मिथिला कें कोशियांचल बना देलाह मुदा तैयो मिथिलाक कोनो नेताक मुंह सं चुई शब्द नहि निकलल। प्रधानमंत्री लग जानकरीक अभाव भय सकैत छन्हि मुदा मिथिल मे जन्मल, पलल-बढ़ल मनोज झा जौं एकरा सीमांचल कहैत इ एकरा कि कहब ?
    मनोज झा कोनो पार्टी सं होइथ अहि सं मिथिलावासी कें कोनो विषयम नहि छैक मुदा जौं मनोज झा सन व्यक्ति मिथिलाकें तस्लिमुद्दीनक नारा पर इ मानवाक लेल तैयार भय जाइथ त एकरा सं पैघ शर्मक बात आओर कि भय सकैत अछि। मनोज झा कें अपन राजनीतिक ज्ञानकें आओर बेसी बढ़ेवाक चाहि जाहि सं मिथिला हुनका सीमांचल नजैर नहि आबन्हि।