25 जून कए ‘चलू सौराठ सभा’ : डॉ. बीरबल झा

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    दिल्ली, मिथिला मिरर: लगभग मृतप्राय भए चुकल ‘सौराठ सभाकें’ पुन: जगेबाक लेल मिथिलालोक फाउन्डेशन 25 जून कए ‘चलू सौराठ सभा’ नामक अभियानक शुरुआत कए रहल अछि। संस्थाक चैरयमैन डॉ. बीरबल झा सब मिथिलावासी सं अहि अभियानकेँ सफल बनेबाक आग्रह करैत कहलनि जे, आए जहन वैश्विक स्तर पर बियाहक संबंध विच्छेद भए रहल अछि तहन मिथिलांचलक अहि परम्पराक प्रासंगिकता और बढ़ि जाइत अछि। उल्लेखनीय अछि जे, विश्वक ई प्रथम आ प्रसिद्ध बैवाहिक स्थल अछि। 

    ओ कहलनि जे, सौराठ सभाक उद्देश्य वैवाहिक संबंधके समुचित समाधान हेतू विवाह-योग्य वर-कन्याक मिलाना, संबंधक सामाजिक शुचिताकें बनेबाक लेल समगोत्री बियाहकें रोकब, दहेज़-प्रथाक उन्मूलन तथा वर-वधूक सब पक्षकें ध्यानमे रखैत वैवाहिक सबंधकें आसान बनाएब अछि। बीरबल झा कहलनि जे, सौराठ सभामे बियाहक ई प्रक्रिया लगभग 700 वर्ष पुरान अछि। मुदा दुर्भाग्यवश, किछु वर्ष सं अहि सभाक अस्तित्व खतरामे अछि। प्रशासनिक उदासीनताक कारण एतयकें अधिकांश भूमि आब अतिक्रमणक शिकार भेल अछि।

    डाॅ. बीरबल झा मिथिलाक सांस्कृतिक एवं सामाजिक संरचनामे अहि वैवाहिक संस्थाक भूमिका आ महत्वकें स्वीकार करैत अहिकेँ पुनर्निर्माण पर जोर देबाक बात कहलनि अछि। अहिकेँ लेल ओ बिहार सरकार सं सौराठ सभामे एकटा सामुदायिक भवनक निर्माण करेबाक, पंजीकृत विवाहक कानूनी मान्यता देबाक तथा अन्य बुनियादी सुवधा उपलब्ध करेबाक मांग केलनि अछि, ताकि सौराठ सभाक एकटा स्थाई पहिचान बनि सकए।

    डाॅ. झा मिथिला-मैथिलक उत्थानक लेल ‘चलू सौराठ सभाकें’ सफल बनेबा एवं अपन अहि सांस्कृतिक धरोहरकें पुनर्जीवित करबाक लेल विविध प्रकारक योजना पर काज करबा पर जोर देलनि अछि। ओ स्पष्ट कहलनि जे, अहिमे सरकार आ मिथिलावासी दुनूक सक्रियता जरुरी अछि तखनहि एकरा जीवित राखल जा सकैत अछि।

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