पांच वर्षक बादो भारत-नेपाल रेल खंडक निर्माण कार्य अधर मे

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    मधुबनी, मिथिला मिरर-निशांत झा: नेपालक एक मात्र रेल सेवा जयनगर सं जनकपुर भाया बदीर्वास (नेपाल) धरि पांच साल बीत गेलाक बादो निर्माण कार्य अधूरा पड़ल अछि। विवाह पंचमी’क समय नजदीक एबाक कारने जयनगर स जनकपुर जाय वला यात्री मे बढ़ोत्तरी होइत अछि। यात्रा मे परेशानी सं सीमावर्ती क्षेत्र मे आक्रोश बढ़ि रहल अछि।

    बड़ी रेल लाईन निर्माण कार्य एवं दूनू देशक सीमा पर स्थित जयनगर रेलवे स्टेशनक किछु माह के अंतराल पर रेलक वरीय पदाधिकारी द्वारा लगातार निरीक्षण सेहो होइत अछि, मुदा अहि निरीक्षण के कोनो प्रतिफल देखा नहि रहल अछि। 14 नवम्बर क पूर्व मध्य रेलक हाजीपुर के एजीएम टी पी सिंह अप्पन स्पेशल सैलून सं जयनगर पहुंचकय भारत सरकारक अहि पैघ परियोजना जयनगर-बदीर्वास बड़ी रेल लाइनक निरीक्षण केलनि।

    जयनगर रेलवे स्टेशन स महज 50 गजक दूरी पर जयनगर स्थित नेपाली रेलवे स्टेशन अछि। फुट ब्रिज स मात्र आठ कदम की दूरी पर नेपाली स्टेशन हैं. सितम्बर महिना मे समस्तीपुर के डीआरएम सुधांशु शर्मा निरीक्षण केलनि। शर्मा विगत दू महिना मे दू बेर अहि रेल खण्डक निरीक्षण कय चुकल छथि। अहि सं पूर्व सेहो बहुतो रेल पदाधिकारी अहि रेल खण्डक निरीक्षण केलनि, मुदा यात्री एवं आम जनक लेल विशेष किछु परिणाम बाहर नहि आयल।

    2011 मे भारत सरकारक सबस पैघ रेल उपक्रम इरकाँन के जयनगर-बदीर्वास लाईन पर करीब 81 किमी लंबा रेल लाईन निर्माण हेतु जिम्मा देल गेल छल। कंपनी के तीन साल मे निर्माण कार्य पूरा करबाक छल। जकर कुल प्राक्कलित राशि 540 करोड़ रुपैया छल। जे, बढ़ाकय करीब 7 सौ करोड़ रुपैया कय देल गेल। इरकाँन के अधिकारी अहि बातक पुष्टि सेहो केलनि।

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