स्वाधीनता दिवसक उपलक्ष्यमे मैथिली-भोजपुरी अकादमी दिल्लीक काव्यगोष्ठी

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    दिल्ली,मिथिला मिरर-मनीष झा बौआभाइ: दिनांक-१३ अगस्त २०१६ (शनिदिन) क’ दिल्लीक आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन मे मैथिली भोजपुरी साहित्य अकादमी,दिल्ली सरकार द्वारा आने साल जेंका अहू बेर स्वाधीनता दिवस केर विशेष अवसर पर मैथिली आ भोजपुरी कवि सम्मलेनक आयोजन कएल गेल. कार्यक्रमक शुभारम्भ हिन्दी देशभक्ति गीतक संग प्रारम्भ भेल,राष्ट्रगान “जन-गण-मन” भेल संगहि एक गोट आर देशभक्ति गीत भोजपुरीमे प्रस्तुत कएल गेल आ उपरोक्त तीनू प्रस्तुति वाद्य-वादनक संग सामूहिक छल. कवि सम्मलेनक शुभारम्भ स’ पूर्व दीप प्रज्ज्वलन कएल गेल जाहिमे दिल्ली सरकारक संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, अकादमीक उपाध्यक्ष संजॉय सिंह, कार्यक्रमक अध्यक्ष नित्यानंद तिवारी आदि लोकनिक करकमल स’ भेल. दीप प्रज्ज्वलित भेला उपरान्त अवनींद्र ठाकुर (प्रसिद्ध गीतकार/कवि रविन्द्र नाथ ठाकुरक सुपुत्र) द्वारा मैथिलक आस्था स’ जुड़ल महाकवि विद्यापति रचित गोसाओनिक गीत “जय-जय भैरवि” आ “कनक भूधर शिखरवासिनी” बिना कोनो वाद्य-वादन व्यवस्था कें रहितो कर्णप्रिय परिवेश बनौलक.

    अकादमीक उपाध्यक्ष द्वारा मंच स’ ई आश्वस्त कएल गेल जे हमरा अहाँक बीच जे कोनो भाषा संबंधी भ्रम पसारल जा रहल अछि ओ हमरा लोकनिकें बंटबाक चेष्टा कएल जा रहल अछि जखनकि हम समस्त पुरबिया बन्धु एक छी आ ई मैथिली-भोजपुरी,अंगिका,बज्जिका,मगही आदि सभ ममेरी,फुफेरी,चचेरी बहिन थिक तैं हम जा धरि अकादमीमे रहब एकरा प्रति संवेदनशील रहब. कपिल मिश्रा देशक स्वाधीनतामे पुरबिया समाजक जोगदान के उजागर करैत हमरा लोकनिक महत्त्वकें जनौलनि. मंच संचालन आंशिक रूप स’ सचिव हरिसुमन विष्ट,अनामिका आ कुमकुम झाक रहलनि मुदा पूर्ण सञ्चालन मैथिल कवि मंज़र सुलेमान केलनि. कवि सम्मलेन मे एक मैथिल आ एक भोजपुरी कविक पार छल आ काव्य पाठक क्रम जे छल से एहि प्रकारे-अनामिकाक भोजपुरी कविता चुटपुटिया बटन आ गोदना, कुमकुम झाक मैथिली कविता हमर देश हमर जीवन प्राण आ परिसंवाद, राजेश कुमार माँझीक भोजपुरी कविता-देश लागी अब कउना किनार सखिया,चमके ऐसे जग में जैसे चाँद और सितारा आ हे आगत तोहर स्वागत बानी सदी रूपी मेहमान, स्वाती शाकम्भरीक मैथिली कविता-हमर वेदना, हमर संवेदना,हमर योजना,हमर संयोजना, हे स्वतंत्रता अहाँकेँ समर्पित अछि आ बायोडाटा, अनूप पाण्डेक भोजपुरी कविता-मीत अचके में मन परि जाला , आग लाग जाइ ओइसन विकास मे आ एकदिन मास्टर दीनानाथ दुआरी पर भेटेला.

    अरविंद कुमार मिश्र नीरजक मैथिली कविता-हमर ई भारत बड़ा महान आ शशि श्यामला धरती परती, सरोज सिंह-साथी हो जब तूँ हमरा के घर ले जैब, हउआ के हाथ भेल बड़ा ज़ुलूम बा आ बिसुखी गैया, तारानन्द झा “तरुण”क मैथिली कविता-देश हमर भारत अछि जै पर गुमान हमर आ जिनगी सँ’ जोड़ि ली नेहक शुचि सरवर में अपना केँ बोरि ली, अलका सिंहक भोजपुरी कविता-जान’ तानी खुश त’ होख’ नें आ रेल के खिड़की से कैसे निहारी ला हरियर हरियर खेत, मंज़र सुलेमानक मैथिली कविता-आत्मामे बसैत देश (दीर्घ कविता), ज़ौहर शाफ़ियावादीक भोजपुरी कविता-जेकरा मनमे त्याग बा ज़ौहर ऊ जगमे होशियार बा ज़ौहर,नेह नाता के घैली घड़ा ले गइल,मातृभूमि के कण कण में भारत के निर्माण कर आ अभी गुलामी गइल कहाँ बा, गँगेश गुँजनक मैथिली कविता-किछु नञि क’ गेलाह पिता हमरा नाम,ई गाछ एक दिन मंदिर स’ पैघ भ’ जेतै,प्रेमक डिजीटल जुग आ मैथिली गीत गामक सीमान जेंकां हमर मोन बाँटल अछि, गुरचरण सिंहक भोजपुरी रचना-असियो बरिस में जवानी चढ़ आइल बा,परेशानी के ज़हर जे पी रहल बा आदमी,पंद्रह अगस्त रोज मनाबे के परी अब, घड़बा फुटबे करी कहिओ नें कहिओ आदि रचनाक संग सफलतापूर्वक संपन्न भेल. अन्तमे अध्यक्षीय वक्तव्य मे आमंत्रित अतिथि ओ वरिष्ठ कवि नित्यानंद तिवारी सभ कवि ओ कुशल श्रोताकें धन्यवाद ज्ञापित करैत महाकवि विद्यापतिक बेस गुणगाथा कहैत वक्तव्यकें विराम देलनि.

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