दस महाविद्यामें माता कालीक पहिल स्थान

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    दरभंगा,मिथिला मिरर-सोनू मिश्रः दस महाविद्यामे माय कालीक स्थान सभसँ महत्वपूर्ण अछि। काली शब्द कारी रंगक प्रतीक अछि। माय कालीक रंग स्याह कारी छनि आ एहि कारणेँ हुनका काली कहल जाइत अछि। ई शब्द हिन्दीक शब्द कालसँ आयल अछि जकर मतलब  समय, कारी रंग, मृत्युक देवता वा मृत्यु। श्री महाकाली पूजाक लाभ दस महाविद्यामेसँ साधक महाकालीक साधनाकेँ सभसँ शक्तिशाली आ प्रभावशाली मानैत छथि। जाहि पूजासँ तत्क्षण परिणाम भेटैत अछि। साधनाकेँ सही तरीकासँ करबासँ साधक सभकेँ अष्टसिद्धि प्राप्त होइत छनि। साधनाक बहुत लाभ होइत अछि जे साधना पूरा हेबाक बाद पता चलैत अछि। साधना गुरु क मदतिसँ कयल जा सकैत अछि आ बादमे गुरु क अनुपस्थितिमे सेहो महाकालीक आशीर्वाद भेटैत अछि।

    महाकालीकेँ प्रसन्न करबा लेल हुनक फोटो वा प्रतिमाक संग महाकालीक मंत्रक जाप सेहो कयल जाइत अछि। एहि पूजामे महाकाली यंत्रक प्रयोग सेहो कयल जाइत अछि। एकरे संग चढ़ावा आदिक मदतिसँ सेहो मायकेँ  खुश करबाक कोशिश कयल जाइत अछि। जँ पूर्ण श्रद्धासँ मायक उपासना कयल जाय तँ सभ मनोकामना पूर्ण होइत अछि।  भगवती प्रसन्न हेबासँ जिनगी बदलि जाइत अछि, जीवन सुखद भऽ जाइत अछि। माँ काली अपन भक्तक सदिखन रक्षा करैत छथि। अपन भक्तकेँ केहनो बेर-विपत्तिसँ बचा लैत छथि।

    दस महाविद्या काली पूजाक ज्योतिषीय महत्व शनि दोषसँ व्यक्तिक जीवनमे कतेको फिरीशानी आबि सकैत अछि। एहि फिरीशानी सभसँ बचबा लेल उपाय करब बहुत जरूरी होइत अछि।  जे क्यौ शनिक महादशा वा अन्तदशासँ गुजरि रहल छथि हुनका सभकेँ काली चौदसक दिन महाकाली पूजा करबाक चाही।

    एहन करबासँ शनि दोषक प्रभाव बहुत कम भऽ जायत। ऊपर देल गेल शनि दोष सभसँ छुटकारा पेबाक लेल यामतंत्र दस महाविद्या महाकाली पूजा करबाक सलाह दैत अछि। ई पूजा करबासँ शनि दोषक प्रभाव, अकारण मृत्यु, जादू -टोना आ खराब आत्मा सभक आदिक प्रभावसँ बचल जा  सकैत अछि

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