बर्बरतापूर्ण लाठीचार्जसँ दर्जनों एमएसयू कार्यकर्ता घायल

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दरभंगा, मिथिला मिरर : मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा पछिला नौ दिनसँ मिथिला विकास बोर्डक गठन आ अन्य माँगकेँ लेल चलाओल जा रहल पदयात्राकेँ तहत सोमदिन एमएसयू कार्यकर्ता लोकनि एनएच 57 केँ तारसराय मुड़ियाकेँ नजदीक करीब 10 बजेसँ सड़क जाम क’ देने छलाह। हिनका लोकनिक माँग छनि जे अविलंब मिथिला विकास बोर्डक गठन कएल जाय जाहिसँ उत्तर बिहारक लगभग 23 जिलाक सर्वांगीन विकास भ’ सकैछ। सैकडों कार्यकर्ता एहि प्रदर्शनमे शामिल छलाह। जामक नेतृत्व मिथिला स्टूडेंट यूनियनक सागर नवदिया क’ रहल छलाह। जामकेँ कारण मुजफ्फरपुर-पूर्णिया राष्ट्रीय उच्च पथ पर वाहनक लाइन लागी गेल। मौका पर सदर बीडीओ रवि सिन्हा, थानाध्यक्ष शशिकांत सिंह पहुँचलाह आ आंदोलनकारी लोकनिकेँ समझेबाक कोशिश केलाह। मुदा आन्दोलनमे शामिल कार्यकर्ता लोकिन अपन माँग मानल जेबा धरि जाम करैत छलाह। लगातार एमएसयूकेँ पदाधिकारी मात्र एतबे माँग क’ रहल छलाह जे कोनो वरीय पदाधिकारी हमरा सभसँ बात करैथि ताकि हमसभ अपन बात हुनका माध्यमसँ  सरकार धरि पहुँचा सकी। मुदा अचानक रैपिड एक्शन फोर्स बिना कोनो चेताबनी देने एमएसयू कार्यकर्ता पर अंधाधुंध लाठी बरसेलनि। जाहि कारण सागर नवदिया, अविनाश भारद्वाज समेत कतेको कार्यकर्ता घायल भ’ गेलाह। एतबे नहि एहि प्रदर्शनकेँ कवरेज क’ रहल मीडियाकर्मी लोकनि पर सेहो पुलिस लाठीचार्ज केलक। जाहिमे न्यूज 18 इंडियाक पत्रकार आ दूटा स्थानीय पत्रकार सेहो चोटिल भ’ गेल छथि। संगे हुनकर माइक आ कैमरा सेहो टूटी गेल।

जखन बिहार पुलिसक डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेयसँ एहि घटनाकेँ संबंधमे बात कएल गेल त’ कहलनि जे ई घटना कोना भेल, पुलिस किएक लाठीचार्ज केलक, आखिर कोन परिस्थितिमे एहन तरहक कदम उठाओल गेल एकर सभक जाँच कराओल जायत। संगहि जिला प्रशासनसँ एहि घटनाकेँ रिपोर्ट सेहो तालाब कएल गेल अछि। अगिला दू-तीन दिनमे विस्तृत रिपोर्ट आबि जायत आ एहिमे दोषी अधिकारीकेँ खिलाफ कार्रवाई कएल जायत।

बतादी जे एमएसयू 17 फरवरीसँ अपन पदयात्राकेँ दौरान लगातार मिथिला विकास बोर्डक माँग क’ रहल अछि। मिथिला आ उत्तर बिहारकेँ अंतर्गत 23 जिलाक 7 करोड़ लोकक सर्वांगीण विकास लेल केंद्र सरकारसँ एहि क्षेत्रमे 1 लाख करोड़ रुपैया खर्च करबाक माँग क’ रहल छथि। संगहि हुनक मांग छनि जे एम्स, आइआइटी, आइआइएम, आइटी पार्क, टेक्सटाइल पार्ककेँ स्थापना होइ। स्पेशल एजुकेशन जोन, हरेक जिलामे मेडिकल आ इंजीनियरिंग कॉलेजक स्थापना होइ। बंद पड़ल उद्योग धंधा फेरसँ चालू होई। बोर्ड गठन भेलाहसँ मिथिलामे बाढ़, सुखाड़ सहित कतेको गंभीर समस्याक समाधान होयत। पता नहि मिथिला विकास बोर्डक गठनसँ मिथिलाक परिदृश्य कतेक बदलत, ई त’ समय बताओत। मुदा एमएसयूकेँ उपर भेल बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कोनो तरहें उचित नै भ’ सकैत अछि। एहने लगैत अछि जे एहि तरहक घटनासँ सरकार कतौ ने कतौ मिथिलाक उपेक्षा जरूर क’ रहल अछि।

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