मनाओल जायत उच्चैठ महोत्सव, घोषणा केलक सरकार

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मधुबनी, मिथिला मिरर : मिथिलामे पर्यटनकेँ लेल बहुत स्थान अछि। जरुरत छैक सरकारक इच्छा शक्तिकेँ। जँ सरकार एहि दिशामे समुचित कदम उठाओत त’ एतय पर्यटन उद्योग बहुत विकसित भ’ सकैत अछि। पर्यटन बढ़लासँ एहि क्षेत्रमे नै मात्र विकास होयत, लोक सभकें रोजगार सेहो भेटत। बिहार सरकार एहि दिशामे एकटा घोषणा केलक अछि जे कालिदाससँ जुड़ल अध्यात्मिक, धार्मिक आ पौराणिक महत्वक उच्चैठ सिद्धपीठमे उच्चैठ महोत्सव मनाओल जायत। ई घोषणा बिहार सरकारक पर्यटन विभाग द्वारा कएल गेल अछि। एहि बातक जानकारी दैत पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा कहलनि जे भारत सरकार द्वारा भारत माला दर्शन योजनाकेँ तहत उग्रतारा भगवती सहरसासँ उच्चैठ भगवती स्थान धरि फोर लेनसँ जोड़ी क’ राष्ट्रीय आ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर अनबाक सार्थक प्रयास कएल गेल अछि। केंद्र आ बिहार सरकार मिथिलाक मान बढ़ेलनि अछि।

मंत्री कहलनि जे केन्द्रक मोदी सरकार मिथिलाक सम्मान बढ़ेलनि अछि।  एहि महोत्सवक दौरान देशक सुप्रसिद्ध संगीत आ कलाकार सभकेँ सुनबाक अवसर भेटत, ओतहि प्रख्यात विद्वान लोकनिसँ कालिदास अधारित उच्चैठ भगवतीकेँ संबंधमे शोध परख आलेख आमंत्रित क’ ओकर व्याख्या सेहो कएल जायत। मंत्री कहलनि जे बेनीपट्टी अनुमंडल क्षेत्रमे पर्यटन विकासक बहुत संभावना अछि जकरा देखैत उच्चैठ महोत्सवकेँ शुरुआत कएल जायत। उच्चैठ स्थित कालिदास डीह, बिस्फीक विद्यापति डीह, हरलाखीक फुलहर आ गिरजा स्थान, बेनीपट्टीक गांडीवेश्वर स्थान आ बाणेश्वर स्थान, याज्ञवल्क्यक आश्रम आ साधाना स्थल आदिसँ संबंधित तथ्य परख शोधक आवश्यकता अछि। जाहिसँ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, धार्मिक आ पौराणिक स्थल सभके विकसित क’ पर्यटनक दृष्टिसँ आकर्षणक केंद्र बनाओल जा सके। जाहि लेल बिहार सरकार गंभीर अछि। मंत्री विनोद नारायण झा कहलनि जे पर्यटन विभागक निदेशक द्वारा जिलाधिकारी मधुबनीसँ उच्चैठ महोत्सवक संबंधमे तिथिक निर्धारण क’ महोत्सवमे अवय वला खर्चक रिपोर्ट माँगल गेल अछि। जिलाधिकारी द्वारा पठाओल गेल रिपोर्ट पर महोत्सव तिथिकेँ घोषणा कएल जायत।

बतादी जे माँ कालीक सिद्घपीठ, उच्चैठ भगवतीक ऐतिहासिक महत्व अछि, एतही महान कवि कालिदासकेँ माता काली वरदान देने छलिह आ मूर्ख कालिदास माँकेँ आशीर्वाद पाबि महान कविकेँ रूपमे विख्यात भेलाह। एहि सिद्घपीठ पर कारी शिलाखंड पर देवीक मूर्ति बनल अछि। एहि मंदिरमे माताकेँ मात्र कन्हा धरिक हिस्सा नजरि अबैत छनि। माथ नै हेबाक कारण हिनका छिन्नमस्तिका दुर्गाकेँ नामसँ सेहो जानल जाइत छनि। एहि मंदिरक लगमे एकटा श्मशान अछि जतय आइयो तंत्र साधना कएल जाइत अछि।  एहन मानल जाइत अछि जे छिन्न मस्तिका माँ दुर्गा स्वयं प्रदुर्भावित छथि आ जे कियो हिनका दरबारमे कोनो मनोकामना ल’ अबैत छथि हुनका जरूर पूर्ण होइत छनि।

 

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