मैथिली भाषामे प्राथमिक शिक्षा भेनाई बहुत जरूरी : डॉ रामावतार यादव

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सहरसा, मिथिला मिरर : मैथिली भाषा-भाषी विषय पर आयोजित तीन दिवसीय मिथिला कला साहित्य आ फिल्म महोत्सव 28 दिसम्बर शुक्रदिनसँ शुरू भेल। रमेश झा महिला कॉलेज सभागारमे आयोजित कार्यक्रमक उदघाटन समारोहकेँ डा. रामवतार यादव, डा.शेफालिका वर्मा, डा. भीमनाथ झा, महेन्द्र मलंगिया, कुणाल, डा.धनाकर ठाकुर आदि संयुक्त रूपसँ कएलनि किया। समारोहकेँ संबोधित करैत भाषा वैज्ञानिक डा. रामावतार यादव मैथिली भाषाक समृद्व पक्ष पर बजैत कहलाह जे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मैथिली भाषाक व्यापक स्तर पर प्रसिद्वि अछि। मुदा अपने घरमे माने अपने भूभागमे मैथिलीक स्थिति कमजोर अछि। डॉ. यादव कहलनि जे हमसभ अपन भाषाक प्रयोग कम आ दोसर भाषाक प्रयोग बेसी करैत छी। एहन स्थितिमे प्राथमिक शिक्षामे मैथिली भाषाकेँ शामिल केनाय बहुत जरूरी भ’ गेल अछि। प्रारंभिक शिक्षामे मैथिली प्रयोग कोना होई एहि पर गहन चिंतन करबाक जरूरी, संगहि मैथिली भाषाकेँ अपन दैनिक जिनगीक व्यवहारमे आनयके नितांत आवश्यक अछि। एहि कार्यक्रमक अन्य वक्ता डा.भीमनाथ झा कहलनि जे मैथिली एकटा समृद्व भाषा संगहि मैथिली अमर भाषा थिक आ एकर झंडा सदिखन फहराओत। मैथिली रहत वा नहि ओकर चिंता छोडी, कवि लेखक आ साहित्यकार लोकनिकेँ लिखैत रहबाक चाही ई बहुत जरूरी अछि। संगहि कहलनि जे शब्दक शुद्व आ अशुद्वक चक्करमे नै परु जे बजैत छी वैह लिखू। मीनमेख निकालव त’ अपन भाषाक विस्तारमे रूकावट होयत। डा. शेफालिका वर्मा  कहलनि जे सहरसा साहित्यकारक धरती रहल अछि। सहरसामे साहित्यक-सांस्कृतिक गतिविधी होइत रहैत अछि आ एहन तरहक आयोजनसँ भाषाक पकड़ मजबूत होयत। मैथिली भाषा हमर अपन भाषा अछि आ हमरा सभकेँ एहि पर गर्व होयवाक चाही। एहि सत्रमे महेन्द्र मलंगिया कहलनि जे शब्द पर  पकड़ रखबाक जरूरत छैक आ मैथिलीसँ नीक भाषा कोनो नै अछि। एहि कार्यक्रममे डा. धनाकर ठाकुर, रंग निर्देशक कुणाल, डॉ. रेणु सिंह आदि सेहो संबोधित कएलनि।

महोत्सवक दोसर दिन भेल दर्जनों किताबक विमोचन

रमेश झा महिला महाविद्दालयमे चलि रहल तीन दिवसीय मिथिला कला साहित्य सह फिल्म महोत्सवक दोसर दिन दर्जनों पुस्तकक विमोचन भेल। जाहिमे मैथिली कथा संग्रह, कविता संग्रह आ नाटकक किताबकेँ विमोचनोपरांत समीक्षा सेहो कएल गेल। पहिल सत्रमे कथासंग्रह डॉ. अलका वर्मा लिखित पुस्तक “एक मुट्ठी इजोर”, डा.हेमनाथ झा लिखित कथा संग्रह “माटिक रंग”,डा. अनमोल झा लिखित लघुकथा संग्रह “यथार्थक भूमि पर”,श्याम दरिहरे लिखित “बड़की काकी” आ ऋषि वशिष्ठ लिखित नाटक “बाबा दंडोत बच्चा जय सियाराम” क’ विमोचन भेल।
बाल साहित्य आ बाल कविता पर सेहो विचार गोष्ठी आयोजित कएल गेल। जाहिमे डा.शेफालिका वर्मा, डा.भीमनाथ झा, विभूति आनंद, अलका वर्मा, प्रो वशीकांत चौधरी, प्रदीप बिहारी, शारदा झा, डा.निक्की प्रियदर्शनी, शैलेन्द्र शैली, कुणाल रमेश, हीरेन्द्र कुमार झा, शुभेन्दू शेखर, सुरेन्द्र भारद्वाज, मनोज कुमार, डा.रामचैतन्य धीरज, अजीत आजाद अपन विचार व्यक्त कएलनि।

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