डॉ. वीणा ठाकुरकेँ साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2018, कथा-संग्रह “परिणीता” लेल चयनित

0
136

दरभंगा,मिथिला मिरर-अमलेंदु शेखर पाठक: साहित्य अकादेमी, दिल्लीक मूल पुरस्कारक घोषणा आइ कऽ देल गेल अछि। मैथिली मे ई पुरस्कार दरभंगाक डा. वीणा ठाकुरकेँ हुनक कथा-संग्रह ‘परिणीता’ लेल प्रदान कयल जायत। ई जनतब अकादेमीमे मैथिलीक प्रतिनिधि डा. प्रेम मोहन मिश्र देलनि अछि। ओ कहलनि जे काल्हि दिल्लीमे निर्णायक मंडलक भेल बैसारमे शेफालिका वर्मा, ताराकान्त झा एवं विवेकानन्द ठाकुर सर्वसम्मति सँ ई निर्णय नेने छला। आइ कार्यकारिणी एहिपर स्वीकृतिक मोहर लगेलक। साहित्य अकादेमीक पूर्व प्रतिनिधि डा. ठाकुरकेँ पुरस्कार लेल चयनित होयबासँ मैथिली-जगतमे प्रसन्नताक लहरि अछि। हुनका अकादमी द्वारा फराकसँ समारोह आयोजित कऽ ई सम्मान प्रदान कयल जायत। एकरा अन्तर्गत एक लाख टाकाक राशि, प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति-पत्र आदि देल जाइत अछि।
उल्लेखनीय अछि जे मधुबनी जिलाक भवानीपुर गाममे प्रो. श्रीमोहन ठाकुरक घर पुत्री-धनक रूपमे 19 मार्च 1954 केँ जन्म लेनिहारि ओ दरभंगाक पनिचोभ गाममे पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. दिलीप कुमार झासँ बियाहलि डा. ठाकुर सम्प्रति बिरला फाउंडेशनक प्रतिष्ठित “सरस्वती सम्मान” लेल गठित मैथिली भाषा समितिक संयोजिका छथि। ल. ना. मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगाक स्नातकोत्तर मैथिली विभागमे वरीय प्राध्यापिका डा. ठाकुर विभागाध्यक्षा सेहो रहि चुकल छथि। डा. ठाकुरक मैथिली मे उपन्यास ‘भारती’, कथा-संग्रह ‘आलाप’, समीक्षा ‘मैथिली रामकाव्यक परम्परा’, ‘विद्यापतिक उत्स’, ‘इतिहास दर्पण’, ‘वाणिनी’, ‘मैथिली गीत साहित्यक विकास आ परंपरा’ तथा अनुवादक पुस्तक ‘हाट-बजार’ आ ‘आधुनिक भारतीय कविता संचयन : हिंदी’ प्रकाशित छनि। एकर अतिरिक्त ओ ‘विद्यापति गीत रचनावली’, ‘मैथिली प्रबंध काव्यक उद्भव ओ विकास’ सहित लगभग दर्जन भरि पुस्तक ओ पत्रिका सभक संपादन सेहो केने छथि।
एमहर, डा. ठाकुरक चयनपर स्थानीय कवि-साहित्यकार लोकनि प्रसन्नता व्यक्त केलनि अछि। पूर्व प्रधानाचार्य डा. रूपनारायण चौधरी, मैथिलीक वरिष्ठ कवि प्रो. शिवाकान्त पाठक, अकादेमीक अनुवाद पुरस्कारसँ सम्मानित डा. योगानंद झा, साहित्य अकादेमीक मैथिली परामर्श मण्डलक सदस्य प्रो. अमलेन्दु शेखर पाठक, डा. श्रीपति त्रिपाठी, डा. महानंद ठाकुर, विनोद कुमार, डा. रमेश झा आदि प्रसन्नता व्यक्त करैत डा. ठाकुर केँ बधाइ देलनि अछि।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here