सभ रवि क’ पिता-पुत्र करैत छथि निःशुल्क इलाज

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सहरसा, मिथिला मिरर : डॉक्टरकेँ भगवानक दोसर रूप मानल जाइत अछि। एहनमे जँ कुनो डॉक्टर अपन किछु समय गरीबक लेल दैत छथि  त’ एकटा सराहनीय कदम थिक। सहरसाक एकटा एहने डॉक्टर छथि  डॉ. एके चौधरी। बुझना जाइत अछि जे गरीब लोकक सेवा डॉ. चौधरीक परिवारकेँ संकल्प छनि। एहि परिवारमे दक्ष चिकित्सकक भरमार अछि। चिकित्सासँ हिनका परिवारकेँ सहरसा सहित आसपासक क्षेत्रमे ख्याति भेटल छनि। बावजूद डॉ. एके चौधरी आ हुनक पुत्र डॉ. अभिषेक कुणाल गरीब मरीजक इलाज केनाय नै बिसरै छथि। पिता-पुत्र दूनू एहन प्रण लेने छथि जे बतौर फीस ओ सप्ताहक छह दिन अन्य डॉक्टरक तुलनामे कम राशि लेताह आ रविदिन मुफ्तमे इलाज करताह। हरेक रविदिन हुनका क्लिनिक पर मरीजक लम्बा कतार लागल रहैत छनि, जाहिमे टीबीकेँ मरीजक संख्या सर्वाधिक होइत छनि। एहि काजमे हुनक परिवारक सदस्य सभ सेहो मदैद करैत छथिन। डॉ चौधरीकेँ एकटा पुत्र आ दू पुत्री छथिन। पुत्रक अलावा पुत्रवधु डॉ. अर्चना स्नेहा आ पुत्री डॉ. पल्लवी सेहो डॉक्टर छथि।  डॉ चौधरी बातचीतक क्रममे बतौलनी जे 1984मे अपन जेठ पुत्री डॉ पल्लवीक मुंडन करावैक लेल विन्ध्याचल गेल रहथि ओतहि सप्ताहमे एक दिन मरीजके निःशुल्क सलाह देवाक संकल्प लेने रहथि। एहि परोपकारमे हुनक पत्नी आ कंपाउंडर जगदीश सेहो सहयोग क’ रहल छथि। वापिस एलाक बाद पहिल रविदिन लगभग 50 -60 नव आ पुरान रोगी सलाहक वास्ते आयल। धीरे-धीरे मरीजक संख्यामे बढ़ोतरी होवय लागल आ वर्तमानमे न्यू कॉलोनी व डीबी रोड स्थित क्लीनिकमे लगभग दू – ढ़ाई सौ नव आ पुरान मरीज सलाह वास्ते  अबैत छथि। आगाँ  कहैत छथि जे एमबीबीएस एमएस करबाक बाद पुत्र डॉ कुणाल दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पतालमे सहायक प्राध्यापकक पद पर नियुक्त भेलाह मुदा किछु सालक बाद नौकरी छोड़ि सहरसा आबि गेलाह आ हमरा अनुपस्थितिमे रविदिन क’ मरीजकेँ देखैत छथि। वर्तमानमे टीबी मरीजक लेल सरकारकेँ तरफसँ कतेको योजना चलाओल जा रहल अछि। एकटा समय छल जखन टीबी मरीजक इलाज गिनल-चुनल डॉक्टर करैत छल जाहिमे डॉ चौधरी एक छथि।  ईहे  कारण अछि जे हुनका लग टीबी रोगक पुरान आ नव मरीजक खूब भीड़ रहैत छनि। हालांकि एकर अलावे डॉ चौधरी कतेको सामान्य रोगक इलाज बखूबी करैत छथि। हिनक इलाजसँ रोगी लाभान्वित भ’ डॉ चौधरीक लेल दुआ करैत घर वापिस अबैत अछि।

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