पटनाक ईको पार्कमे संपन्न भेल साहित्यक चैपाड़ि

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    दिल्ली-मिथिला मिररः मैथिली साहित्यक उत्कर्ष हेतु लगभग दू बरख पहिने किछु उत्साही युवा सभ द्वारा शुरू कएल गेल एहि आयोजनक ई तइसम बैसार छल। बैसार अपन निर्धारित समयपर मुकुंद मयंकक संचालनमे आरम्भ भेल। बैसारक शुभारम्भ मैथिली साहित्यक लेल एकदम नव कवियत्री प्रियंका अपन कविता “स्त्री”सँ केलनि। ओकर बाद इतिहासक छात्र एंव मैथिली-हिंदीमे लगातार अपन कलम चलौनिहार सत्यम कुमार झा अपन तीन गोट कविता सुनोलनि। तदुपरांत साहित्यिक चौपाड़िक एकटा आर खोज कवि रजनीश प्रियदर्शी अप्पन ओजपूर्ण आवाज आ अंदाजमे अपन कविता “प्रतिकार” सुना माहौलकेँ मिथिलामय कए देला।

    रजनीशक बाद अविनाश बेपरावाह अपन एकटा सुपरिचित कविता “अहाँ” सुना सभके भावविभोर क’ देलनि| कविताक बाद गीतक धार बहल आ से बहिते रहि गेल, अलग-अलग बिम्ब आ विषयपर केंद्रित एक के बाद एक कुल चारि टा गीत सुना अमित सभक मोन मोहि लेलनि। चौपाड़ि एक बेर फेर कविता दिस मुड़ल। एहि बेर वरिष्ठ कवि श्री धीरेन्द्र कुमार झा समसामायिक आ जनमानससँ जुड़ल दू टा कविता आ एकटा प्रेम कविता सूना युवा साहित्यप्रेमी सभके आनंदित क’ देलनि। बैसारक अंतमे नवलश्री “पंकज” एकटा हजल आ अपन अंदाजसँ हटि अपन किछु पुरान कविता सुनोलनि। अंतमे मुकुंद मयंक द्वारा उपस्थित सदस्यक धन्यवाद ज्ञापनक उपरांत बैसारक विधिवत समापन कएल गेल। बैसार में शहनवाज ओ शशांक समेत कुल 9 गोटे शामिल भेल छला। बाल मुकुन्द आ गुंजनश्रीक कमी किछु विशेष खलल मुदा आजुक बैसार सफल रहल। अगिला बैसारक सूचना ससमय प्रेषित कएल जाएत।

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