जितिया पाबनि, मणिकांत झा’क कविता

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    जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै,
    माँछ संग मरूआ एकर पहचान छै।

    मरूआ रोटी संग मारा ओ गैंची
    खरि तेल चढ़नि से सरिसो की रैंची
    झीमनीक पात के सेहो विधान छै
    जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै।

    अध रतिए मे दाइ माइ के ओंगठन
    धीया पुता सब लागय जेना टनमन
    चूड़ा दही संग अमोटक ओरियान छै
    जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै।

    चील्हो सियारक कथा केर वाचन
    डाली सजा कय नदी तीर आसन
    मणिकांत देवता ई जिमूत वाहन छै
    जितिया सन पाबनि देश मे ने आन छै।

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