मधेपुरामे 15 दिन बाद पंद्रह फीटक भू-समाधी सं सुरक्षित बाहर ऐलाह-प्रमोद बाबा

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    दिल्ली-मिथिला मिररः मधेपुरामे पैछला 28 फरवरी सं भू-समाधीमे लीन प्रमोद बाबा उर्फ ‘मौनी बाबा’ 15 दिनक बाद भू-समाधी सं सुरक्षित बाहर निकललाह। प्रमोद बाबा जाहिठाम समाधी लेने छलाह ओ जगह सहर जमीन सं पंद्रह फीटक अंदर 14/14 बनल एकटा सुरंग मे छलाह। जाहिठाम प्रमोद बाबा कें समाधी स्थल छल ओहिठाम एकटा खाट पर विस्तर देल छल, बगलमे किछु पूजाक सामग्री राखल गेल छल। भक्तक दावा अछि कि अहि सुरंगमे नहि त सांस लेवाक लेल हवा अनुरूप हवा छल आ नहि बाबा पंद्रह दिन आ कोनो अन्न-जल ग्रहण केलाह।

    अपने कें बता दी जे पूर्णिया जिलाक रूपौली गामक बलुआ टोलक निवासी प्रमोद बाबा उर्फ मौनी बाबा कें विषय मे स्थानीय लोकक कहब अछि कि ओ पैछला पंद्रह साल सं अन्न-जलक ग्रहण नहि केलाह। हां ओ कखनो काल कऽ दूध अवश्य लय लैत छथि। ग्रामीण दाबा अछि कि बाबा अरजपुरमे होइवला श्री-श्री 108 विष्णु महायज्ञ कें सफलताक लेल बाबा इ भू-समाधी लेने छलाह। 28 फरवरी कऽ जखन बाबा भू-समाधी लेने रहैथ त ओहि दिन इ बात तय छल जे बाबा पंद्रह दिन बाद समाधी सं बाहर औता। स्थानीय लोकक मानी त प्रमोद बाबा अहि सं पहिने सेहो समाधी पर बैसल छलाह आ हुनका मे विष्णुक गुण छन्हि।

    हालांकि समाधीक दिन जिला प्रशासन भारी संख्यामे पुलिस बल कें भेज बाबा कें समाधी सं रोकवाक लेल कोशिश केने छल मुदा स्थानीय लोकक दबाव कें कारणें प्रशासन ओहिठाम सं खाली हाथ लौटल छल। 28 फरवरी कऽ समाधी लेलाक बाद प्रमोद बाबा कें समाधी स्थल पर भारी संख्यामे भक्त लोकनिक जुटानी छल आ दिन-राइत भजन-कीर्तन चलैत छल। जखन 13 मार्च रविदिन दुपहरियामे प्रमोद बाबा जमीन सं बाहर निकलाल त पूरा समाधी स्थल जय-जयकार सं गुंजयमान भय गेल। समाधी स्थल पर प्रशासनक व्यवस्था दुरूस्त कैल गेल छल। प्रशासन पुलिसक संग-संग तीन गोट डाॅक्टर कें सेहो मौका पर रखने छल।

    भू-समाधी पर किछु सवाल

    अहिठाम बाबा कें भू-समाधीकें बाद इ सवाल उठैत अछि कि प्रमोद बाबाक इ भू-समाधी चमत्कार छला आ कि लोककें चमका देल गेल? कि बाबा मे वास्तव मे कोनो अलौकिक शक्ति छन्हि, जेना कि स्थानीय लोकसब कहैत छथि? कि प्रमोद बाबा एहि तरहक भू-समाधी पर बाबाक दुनियामे अपन एकटा अलग पहिचान बनेवाक लेल आगु ऐलाह? कि सार्वजनिक रूपमे अहि तरहक समाधी कय समाज मे एकटा अलग तरहक संवाद स्थापित कैल जा रहल अछि? कि बाबाक अलौकिक शक्ति विज्ञानक संग-संग आधुनकिताकें सोचवाक लेल चुनौति दय रहल अछि?

    एहन तरहक बहुत रास सवाल आ ओकरा जवाब समयक संग अपने लोकनिक सोंझा अवैत रहत। मिथिला मिरर सेहो अहि खबैर कें प्राथमिकताक संग देखि रहल अछि आ जे कोना नव सूचना हैत ओ अपने लोकनिक सोंझा अवश्ये राखल जायत। प्रमोद बाबा’क भू-समाधी चमत्कार आ कि चकमा?

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