बरहमासाक मनमोहक प्रस्तुति ‘देह पर कोठी खसा दिअ’

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    दिल्ली,मिथिला मिरर-जुली रानी झाः मैथिली नाटकक जौं बात कहियो हैत त ओ ता धरि पूर्ण नहि मानल जायत जा धरि ओहि ठाम महेंद्र मलंगियाक नाम नहि लेल जेतनि। मलंगिया जी मैथिली नाटकक ओहेन तरेगण छथि जे दृढ़ कालक लेल मैथिली नाटक कें अपना लेखनीक दम पर शिर्षस्थ स्थान देलनि अछि। मिथिला क्षेत्र मे पसरल बेरोजगारी, मुखमरी, बदहाल शासन व्यवस्था आ गरीबी मे पिसैत आम जनमानसक वेदना कें चरितार्थ करैत मैथिली नाटक ‘देह पर कोठी खसा दिअ। मैथिली-भोजपुरी अकादमी दिल्ली सरकार द्वारा 18-19 अक्तूबर क दिल्लीक पालम स्थित दादा देव मेला मैदान मे दू दिवसीय कार्यक्रमक आयोजन कैल गेल। रविदिन नाट्य संस्था बारहमासाक अगुआई मे मैथिली नाटक ‘देह पर कोठी खसा दिअ’क सफल आ मनमोहक मंचन कैल गेल। आम लोकक जिनगी सं जुड़ल विषय पर जखन नाटकक मंचन शुरू भेल त ओहि मे ठाम-ठाम दर्शक दिर्घा कें होपड़ी बजेवाक लेल विवश हुआ पड़लनि, कतौ एहन दृश्य छल जाहि ठाम लोकक भावनात्मक रूप सेहो देखल गेल।
    एकटा गरीब इंसान स्वप्न त बहुत देखैत अछि मुदा गरीबी आ समाज मे बैसल दानवरूपी असमाजिक तत्वक कारणें कोन तरहें ओकर जिनगी नर्क बनि जाईत छैक। एकटा व्यक्ति जे अपन पसीन सं विवाह करैछ, लाख गरीबीक बादो पति-पत्नीक बीच मधुर संबंध बनल रहैत अछि मुदा गरीबीक कारणें ओ व्यक्ति अपन बिमार पत्नीक समुचित ईलाज नहि करवा पावैत अछि आ बेर-बेर पत्नी द्वारा ई कहला पर जे ‘देह पर कोठी खसा दिअ’ अर्थात कोठी खसा क मारि हमरा नव जीवन दिअ’ ओहि व्यक्ति कें मजबूर क दैत अछि। गरीबीक दंश झेल रहल ओहि व्यक्तिक लग अपन कनिया कें माहूर द मारवाक अलावे और कोनो देसर बाट नहि सुझैत अछि, आ ओहि ठाम सं शुरू होइत अछि गरीबी आ गरीबीक संग खिलवाड़। मामला थाना-पुलिस आ कोर्ट-कचहरी मे जाईछ, दिन-महिना आ बरखक बादो ओ गरीब अपना आप कें निर्दोष साबित नहि क पावैत अछि। कचहरी मे बहुत दिनक जिरहक बाद जखन न्यायाधिश ओहि व्यक्तिक कहानी सुनैत छथि त फेर ओहिक बाद ओहो अहि बात पर ओहो सोचवाक लेल विवश भ जाईत छथि कि आखिर गरीबक पेशा कि आ ओकर जिनगीक कोन आधार? अहि बात कें आधार बना न्यायाधिश उक्त नायक कें बरि करवाक निर्णय करैत छैथ।
    मैथिली रंगकर्मक जखन बात चलत त ओ मैलोरंग आ ओकर संस्थापक निर्देशक प्रकाश झा बिनु कहियो पूर्ण नहि हैत। प्रकाश झा’क निर्देशन मे मैथिल समाज बहुत रास नाटकक साक्षी बनल छथि मुदा रविदिन प्रकाश झा’क अभिनय देखव सुखद छल। मुख्य नायक आ नायिकाक भूमिका मे अमरजी राय आ सत्या मिश्राक अभिनय दमदार रहलनि। विभिन्न रूप मे रंगकर्मी अनिल मिश्रा, प्रवीण कश्यप, मनोज पांडेक अभिनय सराहनीय छलनि। नाकारात्मक भूमिका मे संतोष झा’क अभिनय सुंदर छलनि तहिना पुलिस आॅफिसरक रूप मे अमित कुमार आ मायक भूमिका मे ज्योति झा’क जतेक प्रशंसा कैल जाय से कम। बारहमासाक निर्देशक आ मैलोरंगक प्रसिद्ध रंगकर्मी मुकेश झा’क निर्देशन मे ‘देह पर कोठी खसा दिअ’क सफल आ सुंदर प्रस्तुतिक लेल बधाईक पात्र छथि। मिथिला मिरर कें संपादक ललित नारायण झा’क संग भेल विशेष बातचीत मे मैथिली-भोजपुरी अकादमीक सचिव अजित कुमार दुबे नाटक पर विस्तार सं चर्चा करैत बारहमासाक संपूर्ण टीम आ समस्त श्रोता कें धन्यवाद ज्ञापन कैलनि। 

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